Very useful knowledge
The Ambedkar Movement
शूद्र, बहुजन मतलब Sc, St, Obc
Tuesday, 25 July 2017
हम हिन्दू नहीं हैं
हम हिन्दू नहीं हैं.
संविधान के अनुच्छेद 330-342 से प्रमाणित है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग हिन्दू नहीं हैं. यदि कोई अधिक ज्ञानी है तो प्रमाणित करके बताये कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग हिन्दू हैं. हिन्दू होने के कारण भारत में किसी को आरक्षण नहीं मिला है. सरकारी दस्तावेजों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों से, जो हिन्दू धर्म का कॉलम भरवाया जाता है, वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 330 और 332 के अधीन अवैधानिक है. जिस पर माननीय न्यायालय में वाद लाया जा सकता है.
कुछ लोगों का मत है कि पहले जातिगत आरक्षण खत्म हो, तब जातिवाद अपने आप समाप्त हो जायेगा. मैं ऐसे अज्ञानी लोगों को बताना चाहूँगा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण किसी धर्म की विशेष जाति का भाग होने पर नहीं मिला है. अनु.जाति /जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोग भारतीय मूलनिवासी हैं और उन पर विदेशी आर्य संस्कृति अर्थात वैदिक संस्कृति अर्थात सनातन संस्कृति अर्थात ब्राह्मण धर्म अर्थात हिन्दू संस्कृति ने इतने कहर जुल्म और अत्याचार ढाये, जिनको जानकर मन में अथाह दर्द भरी बदले की चिंगारी उठती है, जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता. कोई धर्म अपने धर्म के लोगों पर अत्याचार जुल्म और कहर ढा सकता है, येसे लोग समान धर्म के अंग कैसे हो सकते हैं? जो हिन्दू शास्त्र अनु.जाति /जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को अपने धर्मग्रंथों द्वारा लिखित में अपमानित करते हों, ऐसे लोग (अपमान करने वाले और अपमानित होने वाले) समान धर्म का हिस्सा नहीं हो सकते हैं.
हमें आरक्षण इसलिए नहीं मिला है कि हम हिन्दू वर्ण-व्यवस्था और जाति-व्यवस्था के अंग हैं. ये जातियाँ ब्राह्मणों ने भारतीय मूलवासियों को गुलाम बनाने के लिये जबरदस्ती थोपी हैं. ब्राह्मणों ने बहुजन लोगों पर जाति एवं वर्ण के आधार पर जो अत्याचार किये, उन अत्याचारों का आंकलन संविधान निर्माण कमेटी ने किया. उस आकलन के आधार पर भारतीय मूलवासियों को आरक्षण मिला है, न कि हिंदुओं की जातिव्यवस्था का अंग होने पर.
जय प्रबुद्ध भारत
https://youtu.be/LI90h_Gr0Ww
भारत के जीतने भी SC ST OBC संगठन है
क्या बाबा साहब के 22 प्रतिज्ञा अपने सदस्यों को दिलवाती??????
यदि नहीं तो ____
ये संगठन केवल अपने मतलब के लिए बनाया गया है
बाबा साहब से कोई मतलब नही
मतलब है तो क्यो बाबा साहब के 22 प्रतिज्ञा को लोग भुल जातें है
वे लोग फायदा तो ले लेते है और बाबा साहब के सिद्धांतों कि बली चढ जातीं है
अपील ________
बाबा साहब को जन्म दिन का तोफा देना है तो
आज ही सभी SC ST OBC संगठन बाबा साहब के 22 प्रतिज्ञाओ का सपत दिलाएं
जय भीम
"1995 ई. तथा अब 2017 ई. में सुप्रीम कोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि हिंदू कोई धर्म नहीं है।"
दोस्तों, आजकल हिन्दू हिन्दू हिन्दू हिन्दू , आप जिधर देखो उधर हिन्दू या हिन्दुस्थान ! यही नाम नजर आता है । खासकर ये जातिवादी पार्टियों कि एक बड़ी पहचान है।
मगर क्या है ये हिन्दू ?
कौन है ये हिन्दू ?
हिन्दू शब्द कहा से आया ?
कौन से धर्म ग्रन्थ में है ये हिन्दू शब्द? इस हिन्दू शब्द से किसको फायदा है ? किसको नुक्सान है ?
हिन्दू होने का सबूत क्या है ?
ऐसे एक से एक सवाल कई बार उठाये गए है और इसका हमें जवाब मिलने के बजाय गालिया मिली।
हमें आतंकवादी कहा गया। हमें पाकिस्तानी कहा गया। आई एस आई का एजेंट कहा गया। राष्ट्रद्रोही कहा गया। और गन्दी गन्दी गालिया मिली । तो क्या जो माँ बहनो पे गालिया देता है, आतंकवादी कहता है, राष्ट्रद्रोही कहता है, पाकिस्तानी कहता है, आई एस आई का एजेंट कहता है, किसी ख़ास राजनैतिक पार्टी से सम्बन्ध रखता है वो हिन्दू है ?
जी नहीं, वह हिन्दू नहीं है। हम आपको सीना तान के बता सकते है कि इस देश में हिन्दू कोई नहीं है। कैसे ? चलो बताते है.……
इस देश के 20 करोड़ से भी ज्यादा मुसलमान हिन्दू नहीं है। लगभग 2 करोड़ क्रिश्चियन हिन्दू नहीं है। लगभग 3 करोड़ सिख हिन्दू नहीं है। यानि की इस देश की 25 करोड़ आबादी हिन्दू नहीं है।
अनुसूचित जाति और जनजाति-
हिन्दू नहीं है। अगर SC दलित हिन्दू होते तो उनको वेद, पुराण, रामायण और अन्य धर्मग्रन्थ पढ़ने का अधिकार होता। उनको मंदिर में जाने का अधिकार होता। पंडित बनने का अधिकार होता। वही बात आदिवासियों के बारे में भी है। अगर आदिवासी लोग हिन्दू होते तो उनको भी पुरे संस्कार होते, उनको भी पढने लिखने का अधिकार होता, उपनयन का अधिकार होता , लेकिन उनको भी ये सब अधिकार नहीं थे/है। इसीलिए अनूसूचित जाति के लोग भी हिन्दू नहीं है।
sc और st आदिवासी लोगों कि जनसँख्या लगभग 25 करोड़ तक है। अर्थात sc, st और माइनॉरिटीज लगभग 50 करोड़ आबादी हिन्दू नहीं है।
पिछड़ी जाति/OBC-
अब बात करते है पिछड़ी जाति कि यानि कि अन्य पिछड़ी जाती (Other Backward Castes) जैसे कि यादव, अहीर, भुजबल, वन्नियार, कश्यप, कुमहार, गडरिया, कोइरी, मौर्य, सैनी, आदि इनकी जिनकी आबादी लगभग 60 करोड़ तक कि अनुमानित की गयी है। इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। मगर इस देश कि जातिवादी सरकार उनकी गिनती नहीं करना चाहती है, क्यों कि अगर पिछड़ी जाति के लोगों की गिनती की जाती है तो उनको उनकी कितनी संख्या है पता चल जाएगा और मेजोरिटी होने के बावजूद उनकी भागीदारी नौकरी, मीडिया, और अन्य क्षेत्रों में कम ही है, इसीलिए उनकी जनगणना से सरकार के खिलाफ विद्रोह हो सकता है। अगर OBC लोग हिन्दू होते तो उनको भी उपनयन का अधिकार मिलता, उनका भी संस्कार होता। उनके लिए बनाये गए मंडल कमीशन के लिए विरोध ना होता। अगर वो हिन्दू होते तो कोई भी ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैश्य की लड़कियो से शादी करता, लेकिन नहीं करते। इसीलिए इस देश के 60 करोड़ ओबीसी लोग भी हिन्दू नहीं है। यानि की 50 + 60 =110 करोड़ हिन्दू नहीं है।
आप जान लिए न कि इस देश के 110 करोड़ लोग हिन्दू नहीं है।
भारत देश कि जनसँख्या करीब 125 करोड़ है। यानि कि 125-110=15 करोड़ लोग ही हिन्दू हैं। इस देश के 15 करोड़ ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य लोग ही हिन्दू हैं।
मगर क्या ये 15 करोड़ लोग वाकई में हिन्दू है ? जी नहीं !
यूनिवर्सिटी ऑफ़ युताहा (University Of Utaha) के माइकल बमशाद के मुताबिक जो खुद को ऊँची जाति के मानते हैं, वह ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य इनका DNA मध्य एशिया के कास्पियन सागर है। वहां के लोगों से 99.99% मिलता जुलता है। इसीलिए ये 15 करोड़ आबादी भी हिन्दू नहीं है।
इस प्रकार यह सिद्ध हुआ कि इस देश में हिन्दू कोई नहीं है।
यह एक दोस्त नहीं है, या हिंदू, हिंदुस्तान और भारत रत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर शब्द भारतीय संविधान के निर्माता नहीं माना जाता। भारत के संविधान लिखते समय एक हिंदू शब्द संविधान में नहीं डाला है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में भारत के देश के नाम लिखा था। हिंदू, हिंदुस्तान संविधान के खिलाफ है। बाबा साहेब संविधान में लिखा है, अर्थात् है कि भारत संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत में से एक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत bujhakara रहता है / भारत इसलिए क्योंकि वह जानता था कि भारत के लोगों के इस देश (शासक) की विश्वासघाती शासकों, हिंदुस्तान अनुवाद होगा कहते हैं। तो बाबा साहेब भारत लिखा था। भारत अस्तित्व के प्रारम्भ में 500 साल के बाद से किया गया है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 (1): "भारत, कि भारत अमेरिका के एक संघ है, हो जाएगा।"
तो फिर ये हिन्दू क्या है ? हिन्दू या हिन्दुस्तान क्या बला है ?
दोस्तों,
मुस्लिम और पर्शियन राजाओं ने जब भारत पर आक्रमण किया तब इस देश की जनता को गुलाम बनाया। जिस अरबी आदमी कि मातृभाषा अरबी है उनको पूछा जाए कि हिन्दू का क्या मतलब है ? हिन्दू का मतलब अरबी और पर्शियन भाषा में गुलाम, दास, गाली इत्यादि होता है।
स्वामी दयानंद सरस्वती भी अपने समाज को हिन्दू नहीं बल्कि आर्य समाज कहे हैं।
हिन्दू शब्द इस देश के किसी भी धार्मिक ग्रन्थ में, पुरानो में या स्मृतियों में नहीं पाया जाता है। जिनको ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य लोग हिन्दू कहते है उसका असली नाम आर्य या ब्राह्मण धर्म है। ब्राह्मण बनिया और क्षत्रिय लोग खुद को और इस देश के सभी गैर मुसलमानो को हिन्दू इसलिए बोलते हैं ताकि उनका इस देश पर केंद्र की राजनीति, न्यायपालिका, मीडिया, सरकारी नौकरिया और अन्य क्षेत्रों में जो कब्ज़ा है वह बरकरार रखना है।
हिन्दू कहने से और कहलवाने से दुश्मन दिखायी नहीं देता है, दुश्मन छुप जाता है और भ्रम (Confusion) कि स्थिति बरकरार रहती है। यही भ्रम कि स्थिति हजारो सालों से अभी तक बरकरार है।
"हिंदू विषय पर और ज्यादा पढने के लिए सिंधु से हिंदू तक अमर विशारत की किताब पढ़ें।"
जागो मेरे देश के लोगों हुआ सवेरा धर्म का बीती काली रात।
हिंदू आर्य विदेशी है
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प्रमाण* #1. ऋग्वेद में श्लोक 10 में लिखा है कि हम (वैदिक ब्राह्मण ) उत्तर ध्रुव से आये हुए लोग है। जब आर्य व् अनार्यो का युद्ध हुआ ।
2. The Arctic Home At The Vedas बालगंगाधर तिलक (ब्राह्मण) के द्वारा लिखी पुस्तक में मानते है कि हम बाहर आए हुए लोग है ।
3. जवाहर लाल नेहरु ने (बाबर के वंशज फिर कश्मीरी पंडित बने) उनकी किताब Discovery of India में लिखा है कि हम मध्य एशिया से आये हुए लोग है। यह बात कभी भूलना नही चाहिए। ऐसे 30 पत्र इंदिरा जी को लिखे जब वो होस्टल में पढ़ रही थी।
4. वोल्गा टू गंगा में “राहुल सांस्कृतयान” (केदारनाथ के पाण्डेय ब्राहम्ण) ने लिखा है कि हम बाहर से आये हुए लोग है और यह भी बताया की वोल्गा से गंगा तट (भारत) कैसे आए।
5. विनायक सावरकर ने (ब्राम्हण) सहा सोनरी पाने “इस मराठी किताब में लिखा की हम भारत के बाहर से आये लोग है।.
6. इक़बाल “काश्मीरी पंडित ” ने भी जिसने “सारे जहा से अच्छा” गीत लिखा था कि हम बाहर से आए हुए लोग है।
.7. राजा राम मोहन राय ने इग्लेंड में जाकर अपने भाषणों में बोला था कि आज मै मेरी पितृ भूमि यानि अपने घर वापस आया हूँ।
8. मोहन दास करम चन्द गांधी (वेश्य) ने 1894 में दक्षिणी अफ्रीका के विधान सभा में लिखेएक पत्र के अनुसार हम भारतीय होने के साथ साथ युरोशियन है हमारी नस्ल एक ही है इसलिए अग्रेज शासक से अच्छे बर्ताव की अपेक्षा रखते है।
9. ब्रह्म समाज के नेता सुब चन्द्र सेन ने 1877 में कलकत्ता की एक सभा में कहा था कि अंग्रेजो के आने से हम सदियों से बिछड़े चचेरे भाइयों का (आर्य ब्रह्मण और अंग्रेज )पुनर्मिलन हुआ है।
इस सन्दर्भ में अमेरिका के Salt lake City स्थित युताहा विश्वविधालय (University of Utaha’ USA) के मानव वंश विभाग के वैज्ञानिक माइकल बमशाद और आंध्र प्रदेश के विश्व विद्यापीठ विशाखा पट्टनम के Anthropology विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सयुक्त तरीकोसे 1995 से 2001 तक लगातार 6 साल तक भारत के विविध जाति-धर्मो और विदेशी देश के लोगो के खून पर किये गये DNA के परिक्षण से एक रिपोर्ट तैयार की। जिसमें बता गया कि भारत देश की ब्राह्मण जाति के लोगों का DNA 99:96%, कश्त्रिय जाति के लोगों का DNA 99.88% और वेश्य-बनिया जाति के लोगो का DNA 99:86% मध्य यूरेशिया के पास जो “काला सागर ’Blac Sea” है। वहां के लोगो से मिलता है। इस रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकालता है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य-बनिया विदेशी लोग है और एस सी, एस टी और ओबीसी में बंटे लोग(कुल 6743 जातियां) और भारत के धर्म परिवर्तित मुसलमान, सिख, बुध, ईसाई आदि धर्मों के लोगों का DNA आपस में मिलता है। जिससे साबित होता है कि एस सी, एस टी, ओबीसी और धर्म परिवर्तित लोग भारत के मूलनिवासी है। इससे यह भी पता चलता है कि एस सी, एस टी, ओबीसी और धर्मपरिवर्तित लोग एक ही वंश के लोग है। एस सी, एस टी, ओबीसी और धर्म परिवर्तित लोगों को आपस में जाति के आधार पर बाँट कर ब्राह्मणों ने सभी मूलनिवासियों पर झूटी धार्मिक गुलामी थोप रखी है। 1900 के शुरुआत से आर्य समाज ब्राह्मण जैसे संगठन बनाने वाले इन लोगो ने1925 से हिन्दु नामक चोला पहनाकर घुमाते आ रहे है। उक्त बात का विचार हमे बहुत ही गहनता से करने की आवश्यकता है। राष्ट्रिय स्वयं सेवकसंघ के जरिये 3% ब्राह्मण 97% मूलनिवासी भारतीयों पर पिछ्ले कई सालों से राज करते आ रहे हैं
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